स्वास्थ्यदेहरादून

वायरस से बचाव को बढ़ाएं प्रतिरोध क्षमता

पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ आशुतोष पन्त के जरूरी टिप्स

हल्द्वानी। पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ आशुतोष पंत का कहना है कि विषाणु जनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना जरूरी है। गिलोय, तुलसी, सोंठ का प्रयोग करने से प्रतिरोधी क्षमता बनी रहेगी और संक्रमण से भी बचाव हो सकेगा।

डॉ पंत कहते हैं कि आजकल विषाणु जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। वायरल बुखार और आई फ्लू के रोगी अचानक बढ़ गए हैं। ये बीमारियां एक से दूसरे में संक्रमण करती हैं। स्कूलों में बच्चे साथ रहते हैं, हॉस्टल्स में जहां लोग साथ रहते हैं, वहां तेजी से इन बीमारियों का फ़ैलाव होता है। हाल ही में हल्द्वानी स्थित दृष्टिबाधित बच्चों के आश्रम (NAB) में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 57 बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित मिले। बच्चों को औषधियां दे दी गई हैं।

डॉ पंत कहते हैं कि सामान्यतः वायरस जनित बीमारियां पांच से सात दिन में स्वतः ही ठीक हो जाती हैं बशर्ते कुछ चीजों का परहेज किया जाय। ठंडी चीजें, फ्रिज का पानी या कोल्ड ड्रिंक्स, दही, गरिष्ठ चीजों का सेवन न करें।

जरूरी टिप्स
-हल्का सुपाच्य भोजन लें। तेज बुखार हो तो पानी की पट्टी माथे पर रखें।

-प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए ताजे फलों का सेवन करें।

-अदरक, लौंग, काली मिर्च, तेजपत्ता, गिलोय का काढ़ा बनाकर सुबह शाम पिएं।

-गले में दर्द हो तो गर्म पानी में नमक डालकर गरारा करें।

-आई फ्लू हो तो काला चश्मा लगाएं ताकि तेज रोशनी से बचा जा सके। आंखों को नियमित अंतराल पर साफ पानी से धोएं। चिकित्सक की सलाह लेकर आई ड्रॉप्स लें।

-तेज दर्द और बेचैनी हो तो डॉक्टर से परामर्श कर दर्द निवारक दवा लें।

-आयुर्वेदिक दवाओं में लक्ष्मी विलास रस, गोदंती भस्म, सितोपलादि चूर्ण आदि बहुत सी प्रभावी दवाएं हैं जिन्हें चिकित्सक की सलाह से लेकर ठीक हो सकते हैं।

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