ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट में हादसा, सुरंग में मिट्टी धंसी

रुद्रप्रयाग:
जिले में निर्माणाधीन कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट के तहत 6 अप्रैल सोमवार रात एक टनल में अचानक मिट्टी धंसने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया.
जानकारी के अनुसार, पुलिस चौकी जवाड़ी से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इमरजेंसी टनल 7बी पैकेज में निर्माण कार्य के दौरान देर रात करीब 11:30 बजे टनल के अंदर अचानक मिट्टी का धंसाव हो गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद श्रमिकों और कर्मचारियों में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया.
पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां सतर्क हो गईं. वहीं, निर्माण कार्य देख रही कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी महेश भट्ट के अनुसार, इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी श्रमिक सुरक्षित हैं. कंपनी की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. फिलहाल टनल में कार्य सामान्य रूप से संचालित किया जा रहा है.
प्रशासन और कंपनी की ओर से लोगों से अपील की गई है कि इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
सिलक्यारा टनल की यादें हुईं ताजा: गौर है कि 12 नवंबर 2023 को उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हुआ था. टनल का एक हिस्सा ढह गया था. इस हादसे में टनल के अंदर 41 मजदूर फंस गए थे. इस हादसे के बाद कई दिनों से मजदूरों के रेस्क्यू के लिए अभियान चलाया गया. सेना के अलावा भूमिगत परिवहन के एक्सपर्ट ऑस्ट्रेलियन इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएश से जुड़े अर्नोल्ड डिक्स की भी मदद ली गई थी. कई मशीनों के नाकाम होने पर 27 नवंबर को रैट माइनर्स को रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटाया गया. रैट माइनर्स ने मैनुअल ड्रिलिंग करते हुए 28 नवंबर को रेस्क्यू पूरा किया और 17 दिन के बाद 41 मजदूर सुरक्षित बाहन निकले.



