
नई दिल्ली/हल्द्वानी
उच्च शिक्षा, शोध एवं अकादमिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के मध्य नई दिल्ली स्थित इग्नू मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।


इस अवसर पर इग्नू की ओर से कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल, कुलसचिव प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जबकि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, प्रो. जितेंद्र पाण्डेय, प्रो. आशुतोष भट्ट तथा प्रो. राकेश चन्द्र रयाल मौजूद रहे।
यह एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षिक गतिविधियों, शोध कार्यों, फैकल्टी एक्सचेंज, अकादमिक संसाधनों के आदान-प्रदान तथा दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। इस समझौते के माध्यम से दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाओं, सेमिनार, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अध्ययन सामग्री के विकास में सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस समझौते से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक अनुभव और संसाधनों का लाभ मिलेगा। साथ ही दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने में भी यह साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय लगातार नवाचार, शोध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में कार्य कर रहा है तथा इग्नू जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के साथ यह समझौता विश्वविद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।
वहीं इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच यह सहयोग दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करेगा तथा विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराएगा।
यह एमओयू उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोगात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



