उत्तराखंड

सितारगंज में सीएम धामी की चेतावनी, धर्मांतरण कराने वाले जाएंगे जेल

सितारगंज। थारू राणा बुक्सा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज फिर जनजाति समाज की संस्कृति को खत्म करने के खतरे की ओर इशारा करते हुए चेताया और कहा कि धर्मांतरण करने कराने वाले जेल जाएंगे।

उन्होंने कहा कि धर्मांतरण रोकने के लिए राज्य सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है ,ये इस लिए बनाया गया है कि थारू राणा बुक्सा जनजाति की संस्कृति सुरक्षित रहे, सनातन के रक्षक रहे महाराणा प्रताप के वंशज उनको मानने वाले अपनी संस्कृति से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि देवभूमि आपकी संस्कृति से जुड़ी हुई है और हमारी सरकार आपकी संस्कृति बचाने और संरक्षण के लिए वचनबद्ध है।

श्री धामी ने फिर दोहराया कि देवभूमि उत्तराखंड में हरि नीली चादर डाल कर सरकार की भूमि कब्जा करने का षडयंत्र रचा जा रहा था, हमने लैंड जिहाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है 12 हजार एकड़ भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवाई है। थूक जिहाद,लव जिहाद यहां नहीं चलेंगे।

उल्लेखनीय है कि तराई क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण की घटनाओं के बाद धामी सरकार ने जिला प्रशासन को कड़े कदम उठाए जाने के निर्देश दिए है।

विकास योजनाएं

मुख्यमंत्री श्री धामी ने सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने हेतु सिसौना नदी पर लगभग 11 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सिडकुल सितारगंज एवं विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए लगभग 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा की सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली, विभिन्न मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद ऊधमसिंह नगर में किच्छा में लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गदरपुर एवं खटीमा बाईपास, खटीमा और किच्छा बस अड्डों, खेल स्टेडियमों, साइकिलिंग ट्रैक, एथलेटिक्स ट्रैक तथा औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को पुनः प्रारंभ कर तराई क्षेत्र की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जो भी विकास कार्य प्रारंभ करती है, उसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर जनता को समर्पित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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