उत्तराखंडदेहरादून

सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया में बवाल, 3 FIR में 1000 से ज्यादा लोग आरोपी

देहरादून के सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिक प्रदर्शन और हंगामे के बाद पुलिस ने अलग-अलग मामलों में दर्ज तीन FIR में कुल मिलाकर 1000 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें सैकड़ों अज्ञात लोग भी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक डिक्सन, लाइटेनियम टेक्नोलॉजीज और ग्लोबल मेडिकिट समेत कई कंपनियों में प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, गेट तोड़ने की कोशिश, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। इसके साथ ही सेलाकुई-सिडकुल में धारा 163 लागू कर किसी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

सेलाकुई थाने में पहला मामला 15 मई की रात को दर्ज हुआ। इसमें पुलिस ने आरोप लगाया कि डिक्सन कंपनी में प्रदर्शन के दौरान करीब 1500-1600 श्रमिक मुख्य गेट पर जुट गए थे। भीड़ ने नारेबाजी की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए गेट तोड़ने का प्रयास किया। इस मामले में 500 से 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

10 नामजद समेत 300-400 अन्य आरोपी

दूसरी एफआईआर 16 मई को लाइटेनियम टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी दर्ज हुई। इसमें 10 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 300-400 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इसमें शोएब अली, तैय्यब खान, नवीन कुमार, अखिल कुमार, अजरा, इकरा, फरमान, अल्सिफा, इमामुद्दीन और मुखिया के नाम शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कंपनी परिसर में अव्यवस्था फैलाने, धमकी देने और मारपीट जैसी घटनाएं हुईं।

महिला कर्मचारियों से मारपीट का भी आरोप

तीसरा मामला ग्लोबल मेडिकिट लिमिटेड के प्रबंधक निकुंज पंवार की शिकायत पर दर्ज हुआ। कंपनी का आरोप है कि बाहरी अराजक तत्वों ने कंपनी की तीनों यूनिट में जबरन घुसकर महिला कर्मचारियों से मारपीट और गाली-गलौज की। कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

कंपनी ने पुलिस को बताया कि उसकी यूनिट में करीब 750 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं।

बिना अनुमति प्रदर्शन का आरोप

पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार को लेकर प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर पुलिस, प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

पुलिस ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

सेलाकुई-सिडकुल में धारा 163 लागू

देहरादून के सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते श्रमिक असंतोष और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कृष्ण कुमार मिश्रा ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया है।

प्रशासन के मुताबिक सेलाकुई स्थित लाइटेनियम टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, डिक्सन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मेडिकोस समेत कुछ कंपनियों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैलाकर श्रमिकों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद स्थानीय अभिसूचना इकाई को एक्टिव किया गया है और औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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