उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में फर्जी रुतबा दिखाना पड़ा भारी, बिहार नंबर की स्कॉर्पियो सीज

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम यात्रा में वीआईपी बनने का सपना लेकर देवभूमि पहुंचे कुछ रसूखदारों की हकीकत उस समय सबके सामने आ गई, जब रुद्रप्रयाग पुलिस की पैनी नजर उनके फर्जी रुतबे पर पड़ गई। वाहन पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘बिहार सरकार’ लिखकर और अवैध हूटर लगाकर यात्रा मार्ग पर धौंस जमाने की कोशिश कर रहे लोगों का खेल पुलिस ने चंद मिनटों में खत्म कर दिया। पुलिस ने गाड़ी को सीज करते हुए हूटर और नेम प्लेट को अपने कब्जे में ले लिया है।

‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सोनप्रयाग में चेकिंग के दौरान कार्रवाई

चारधाम यात्रा के दौरान नियम तोड़ने वालों, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने वालों और अवैध वीआईपी संस्कृति पर लगाम लगाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा विशेष ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सोनप्रयाग क्षेत्र में सघन चेकिंग की जा रही थी, तभी पुलिस की नजर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो पर पड़ी।

वाहन का नंबर: सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (संख्या- BR 01 FT 2735) को जांच के लिए रोका गया।

लगी थी फर्जी प्लेट: इस गाड़ी के आगे ‘बिहार सरकार’ की नेम प्लेट लगी थी और ऊपर अवैध हूटर चमचमा रहा था।

जांच में खुली पोल: रौब झाड़ने के लिए रचा गया था स्वांग

जब पुलिस ने वाहन को रोककर उसमें मौजूद लोगों से कड़ी पूछताछ की, तो पूरा मामला फर्जी निकला।

कोई सरकारी प्रमाण नहीं: वाहन में ऐसा कोई भी अधिकारी या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसका संबंध बिहार सरकार या उस नेम प्लेट से साबित हो सके।

चेकिंग से बचने का था पैंतरा: पुलिस जांच में साफ हुआ कि केदारनाथ यात्रा के दौरान विशेष वीआईपी सुविधाएं हासिल करने, पुलिस चेकिंग से बचने और आम यात्रियों व स्थानीय लोगों पर रौब झाड़ने के लिए इस सरकारी पहचान का दुरुपयोग किया जा रहा था।

इसके बाद सोनप्रयाग पुलिस ने बिना देर किए वाहन से अवैध हूटर और फर्जी नेम प्लेट को उतरवाकर जब्त कर लिया और स्कॉर्पियो को मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत मौके पर ही सीज कर दिया।

देवभूमि में फर्जी वीआईपी संस्कृति बर्दाश्त नहीं: एसपी नीहारिका तोमर

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुई पुलिस की यह सख्त कार्रवाई अब पूरे जिले और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इस कार्रवाई पर पुलिस कप्तान ने कड़ा संदेश दिया है।

एसपी रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर का कड़ा रुख: “देवभूमि उत्तराखंड में कानून से बड़ा कोई नहीं है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, फर्जी वीआईपी संस्कृति, अवैध हूटर और सरकारी पहचान के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों को ताक पर रखकर विशेषाधिकार हासिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।”

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