उत्तराखंड

उत्तराखंड में तनाव: बैरिकेडिंग तोड़ देहरादून की ओर बढ़ा निहंगों का जत्था, हाई अलर्ट जारी

कर्णप्रयाग विवाद के बाद उत्तराखंड में तनाव बढ़ गया है। कुल्हाल में बैरिकेडिंग तोड़कर निहंग सिखों का जत्था देहरादून की ओर बढ़ रहा है, पुलिस प्रशासन मौके पर मुस्तैद है।

देहरादून। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग के नगरासू में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच हुए हालिया विवाद की आग अब राजधानी देहरादून तक पहुंच गई है। चंडीगढ़ से हेमकुंड साहिब की यात्रा पर रवाना हुआ निहंग सिखों का पहला जत्था गुरुवार रात को कुल्हाल में पुलिस की भारी बैरिकेडिंग को तोड़कर उत्तराखंड की सीमा में जबरन दाखिल हो गया। इस घटना के बाद से देहरादून और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। लगभग 200 निहंग सिखों का यह जत्था बल्लूपुर-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे की तरफ लगातार आगे बढ़ रहा है।

निहंग सिखों के इस उग्र रुख और प्रेम नगर क्षेत्र की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी को तुरंत मौके पर तैनात कर दिया गया है। देहरादून के एसएसपी (SSP) प्रवीण सिंह डोभाल खुद पूरी स्थिति पर नजर रखने के लिए भारी सुरक्षा बल के साथ जमीन पर उतरे हुए हैं। राजमार्ग पर आगे बढ़ रहे जत्थे में शामिल कुछ निहंगों द्वारा हवा में तलवारें और कृपाण लहराए जाने की खबरें हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

इससे पहले, हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे विकासनगर और कुल्हाल चेक पोस्ट को पुलिस ने सुबह से ही छावनी में तब्दील कर दिया था। वहां पुलिस के साथ आईटीबीपी (ITBP) के जवानों को भी तैनात कर हर आने-जाने वाले वाहन की सघन चेकिंग की जा रही थी। शाम को जब यह जत्था पांवटा साहिब पहुंचा, तो एसडीएम विनोद कुमार और एसपी देहात पंकज गैराला ने गुरुद्वारे में सिख नेताओं से करीब दो घंटे तक लंबी वार्ता की। पुलिस अधिकारियों की यह बातचीत पूरी तरह विफल रही और निहंगों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी यात्रा अधूरी नहीं छोड़ेंगे।
वार्ता विफल होने के ठीक बाद निहंगों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद वे बैरिकेड्स को मलबे में तब्दील करते हुए आगे निकल गए। इस बीच पुलिस के लिए एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि चंडीगढ़ से ही चले करीब 200 निहंगों के दूसरे जत्थे के भी पांवटा साहिब पहुंचने की पुख्ता इनपुट मिले हैं। पुलिस प्रशासन अब धर्मावाला और हरबर्टपुर चौराहों पर भारी किलेबंदी कर इस दूसरे जत्थे को रोकने की रणनीति बना रहा है। शासन ने साफ किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था और शांति से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जाएगी।

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