उत्तराखंड

इनामुल्ला बिल्डिंग का अतिक्रमण शहर के लिए बड़ी चुनौती, वर्षों से कब्जे पर कार्रवाई ठप

देहरादून। शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित इनामुल्ला बिल्डिंग पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण और अनधिकृत कब्जे अब केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं रहे, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इसे लेकर बुधवार को हिंदू रक्षा दल ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए इनामुल्ला बिल्डिंग से तत्काल अतिक्रमण हटाने और क्षेत्र में कार्रवाई की मांग उठाई।

संगठन का आरोप है कि इनामुल्ला बिल्डिंग परिसर और उसके आसपास बिना किसी वैधानिक अनुमति के किए गए कब्जों, अस्थायी निर्माणों और अनियंत्रित गतिविधियों के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। बुधवार को हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि इनामुल्ला बिल्डिंग के समीप से गुजरने वाला मार्ग अब महिलाओं और छात्राओं के लिए असहज और असुरक्षित हो गया है। खासकर शाम के समय हालात और ज्यादा चिंताजनक हो जाते हैं। महिलाएं संदिग्ध लोगों की आवाजाही व गतिविधियों के कारण स्वयं को भयभीत महसूस करती हैं और शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

लंबे समय से कब्जे, नहीं हो रही कार्रवाई
इनामुल्ला बिल्डिंग क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी भूमि पर अवैध कब्जे लंबे समय से बने हुए हैं। बिना अनुमति बनाए गए ढांचे, अनधिकृत आवास-दुकान और नियमों की अनदेखी कर संचालित गतिविधियों ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया है। इन हालातों के चलते न केवल क्षेत्र की सामाजिक शांति प्रभावित हो रही है, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। हिंदू रक्षा दल ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शुरुआती स्तर पर ही अतिक्रमण हटाया गया होता, तो आज हालात इस कदर नहीं बिगड़ते।

कब्जे नहीं हटाए तो होगा आंदोलन
संगठन ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि शीघ्र ही इनामुल्ला बिल्डिंग से अवैध कब्जे नहीं हटाए गए और क्षेत्र में पुलिस गश्त तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो हिंदू रक्षा दल जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगा। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि मातृशक्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है और समाज में भय का वातावरण पैदा करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान ललित शर्मा, संध्या राजपूत, श्रृद्धा ठाकुर, मनोज खैरवाल, सागर राजपूत, योगेश चौधरी, राजीव कुमार और संजीव कुकरेजा आदि मौजूद रहे।

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