उत्तराखंड

विधिक परीक्षण और सभी औपचारिकताएं पूरी कर लागू करेंगे यूसीसी : सीएम धामी

विशेषज्ञ समिति ने मुख्यमंत्री को सौंपा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट

कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है उत्तराखंड

देवतुल्य जनता को नमन कर कहा कि राज्य में लगातार दूसरी बार दिया सेवा का मौका

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) ड्राफ्ट का विधिक परीक्षण और अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जल्द ही प्रदेश में यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा। इससे पूर्व पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री धामी को सौंपा।

सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में समिति के सभी सदस्य शुक्रवार पूर्वाह्न मुख्य सेवक सदन पहुंचे और यूसीसी का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा। सीएम धामी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था। उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने लगातार दूसरी बार सेवा का मौका दिया तो पहली कैबिनेट बैठक में अपने वायदे के अनुसार विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह शुभ घड़ी भी आ गई, जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था। भगवान सूर्यदेव के उत्तरायण में आते ही मंगल कार्य शुरू हो गए हैं, देवताओं के दिन शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद देश का नया बजट भी आ गया, नए काम भी शुरू हो गए हैं। हमने यूसीसी का जो संकल्प लिया था, उसका काम भी आगे बढ़ गया है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद प्रकट कर कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देवतुल्य जनता को नमन कर कहा कि अब सभी विधिक परीक्षण और अन्य सभी औपचारिकताएं करने के बाद यूसीसी को राज्य में लागू किया जाएगा।

यह थी पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति
सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति में सिक्किम हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़ शामिल है।

माणा गांव में हुई पहली बैठक
सीएम धामी ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने चमोली जिले में भारत-चीन सीमा पर स्थित देश के पहले गांव माणा से अपना काम शुरू किया। समिति ने गांव में बैठक कर यहां निवास कर रहे जनजाति समूह के लोगों से संवाद किया।

दो लाख 33 हजार लोगों से किया संवाद
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी पर आम जनता की राय जानने के लिए 43 स्थानों पर जनसंवाद और 72 बैठकें की। ऑनलाइन सुझावों के लिए वेब पोर्टल भी लांच किया गया। समिति ने दो लाख 33 हजार लोगों से संवाद कर उनके विचार जाने। देश में यह पहला मौका है जबकि यूसीसी के सम्बंध में इतनी बड़ी संख्या में यानि 10 फीसदी लोगों ने अपनी राय दी है।

विशेषज्ञ समिति का दिल से धन्यवाद
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने सर्वप्रथम दो उपसमितियों का गठन किया। इनमें एक समिति जनसंवाद और दूसरी प्रारूप तय करने के लिए बनाई गई। समिति की सराहना करते हुए सीएम धामी ने कहा कि “मैं दिल से विशेषज्ञ समिति का धन्यवाद प्रकट करता हूं”। उन्होंने कहा कि समिति के सभी विद्वान सदस्यों ने प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों पर जाकर देवतुल्य जनता की राय जानी। प्रवासी उत्तराखण्डियों से भी समिति ने यूसीसी पर चर्चा की। सभी सुझावों का संज्ञान लेने के बाद समिति ने बड़े परिश्रम से ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया है।

समिति ने पौने दो वर्ष में सौंपी रिपोर्ट
विशेषज्ञ समिति ने लगभग एक वर्ष नौ माह में यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंपा है। मुख्यमंत्री धामी ने शपथ लेने के बाद अपने वायदे के अनुसार 23 मार्च 2022 को हुई पहली कैबिनेट बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का फैसला किया। यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति गठित कर दी गई थी।

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