उत्तराखंडदेहरादून

दिव्यांशु हत्याकांड पर देहरादून में किसानों का प्रदर्शन, टिकैत बोले—इंसाफ चाहिए

सीएम से मिलेंगे, राकेश टिकैत ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

देहरादून। देहरादून में 23 मार्च को छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को आशारोड़ी चेक पोस्ट पर किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में हजारों किसानों ने शोक सभा के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग उठाई। किसान सीएम धामी से मिलने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने साफ कहा है कि वे सीएम से आश्वासन मिलने के बाद ही यहां से हटेंगे।

इसके बाद सीएम धामी ने किसानों से मिलने की बात कही है, जिसके लिए मुख्यमंत्री आवास पर 10 से 12 सदस्यों के नाम भेजे जाएंगे। वही लोग शाम को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपनी बात रखेंगे।

किसान नेता राकेश टिकैत के आह्वान के बाद से ही मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, पानीपत और हरिद्वार के किसान देहरादून पहुंचे हैं। वे सुबह करीब साढ़े 10 बजे से आशारोड़ी पर इकट्ठा शुरू हुए और सुबह 11 बजे के करीब किसान नेता राकेश टिकैत भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे।इस आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल हैं। राकेश टिकैत दिव्यांशु जटराणा को श्रद्धांजलि देने के लिए देहरादून के आशारोड़ी बॉर्डर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून-सहारनपुर बॉर्डर आशारोड़ी पर 9 थानों की पुलिस बल तैनात किया गया।

इससे पहले किसानों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा था “बताइए कि दिव्यांशु जटराणा हत्याकांड में अब तक क्या कार्रवाई की गई है? वरना हम प्रशासन का इलाज करके ही जाएंगे।

किसानों की धमकी के बाद एसपी सिटी प्रमोद कुमार किसानों से मिलने पहुंचे और दिव्यांशु जटराणा को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मौके पर खुद एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल पहुंचे। किसानों ने SSP के सामने पूछा- मर्डर हो रहे हैं, हत्यारे कहां छिपे हैं?

मामले पर एसएसपी ने कहा कि उन्होंने फरार आरोपियों पर इनाम 25 हजार से बड़ाकर 50 हजार कर दिया है। फिलहाल किसानों ने शोक सभा खत्म कर दी है।

प्रेमनगर की घटना से भड़का आक्रोश

प्रेमनगर क्षेत्र में 23 मार्च को छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में मुजफ्फरनगर निवासी छात्र दिव्यांशु जटराना की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश बना हुआ है, जो अब बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

पश्चिमी यूपी और तराई से उमड़ा जनसैलाब

प्रदर्शन में बागपत, शामली, मेरठ, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। हजारों किसानों ने दिव्यांशु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भावुक पल: दादा ने लगाई न्याय की गुहार

शोक सभा के दौरान दिव्यांशु के दादा हरबीर सिंह मीडिया के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना सहारा खो दिया है और अब उन्हें केवल न्याय चाहिए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

देहरादून की छवि खराब हो रही” – टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देहरादून को शिक्षा नगरी और शांत शहर के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन हाल के घटनाक्रम से इसकी छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो लोग अपने बच्चों को यहां पढ़ने भेजना बंद कर देंगे।

नशे के कारोबार पर उठे गंभीर सवाल

टिकैत ने शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग्स की उपलब्धता चिंताजनक है और यह बिना प्रशासनिक लापरवाही के संभव नहीं है। उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस पर निशाना, आंदोलन के संकेत

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। टिकैत ने कहा कि पुलिस अपने मूल दायित्व से भटक रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह विरोध प्रदर्शन आने वाले समय में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

दिव्यांशु जटराना हत्याकांड ने न केवल एक परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक हालात पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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