विद्युत चोरी पर शिकंजा कसने के लिए सतर्कता इकाई ने कसी कमर
सतर्कता इकाई द्वारा लगातार रेड की जा रही है

संवाददाता
देहरादून। यूपीसीएल द्वारा विद्युत चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाये जा रहे हैं। ऊर्जा निगम की सतर्कता इकाई द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए लगातार रेड की जा रही है। जिसमें विद्युत चोरी (धारा-135) के अन्तर्गत पकड़े जाने वाले प्रकरणों में अस्थायी रूप से विद्युत संयोजन काटने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज की जा रही है। इसके अतिरिक्त विद्युत संयोजनों के त्रुटिपूर्ण पाये जाने पर जैसे कि अधिक भार, विधा परिवर्तन एवं अन्य दोषपूर्ण संयोजन आदि की स्थिति में मौके पर ही नियमानुसार दण्डित कर जुर्माना वसूला जा रहा है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अक्टूबर माह तक सतर्कता सेल द्वारा कुल 2934 विद्युत संयोजन चेक किये गये। जिसमें 1870 विद्युत चोरी प्रकरणों में (धारा-135) दर्ज की गई है। जो कि गत वित्तीय वर्श में की गई कार्रवाई की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है। सम्भवतः यूपीसीएल द्वारा विद्युत चोरी के मामलों में कड़ा रुख अपनाने से दोषियों के ऊपर नकेल कसी जा रही है तथा प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल द्वारा अवगत कराया गया कि आगामी दिनों में उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बेहतर होने के साथ-साथ विद्युत चोरी में भी रोकथाम की जायेगी। जिसका सीधा-सीधा लाभ विभाग को सही इनपुट एनर्जी का आंकलन कर बिलिंग दक्षता में सुधार के साथ-साथ AT&C हानियों को कम करने तथा राजस्व बढ़ोत्तरी में भी मिलेगा।
इसी क्रम में सतर्कता इकाई द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अक्टूबर माह तक की गई विद्युत चैकिंग एवं पकडी गई विद्युत चोरी के प्रकरणों का माहवार तुलनात्मक विवरण निम्नवत् हैः-
अवधि कुल चेक किये गये विद्युत चोरी (धारा-135) विद्युत चोरी (धारा-135) के अन्तर्गत
संयोजनों की संख्या अन्तर्गत प्रकरणों की संख्या प्रकरणों में पकडा गया भार (कि0वा0)
अप्रैल-2024 320 201 263
मई-2024 474 327 483
जून-2024 449 299 569
जुलाई-2024 432 235 338
अगस्त-2024 429 284 491
सितम्बर-2024 413 229 307
अक्टूबर-2024 417 295 451
योग 2934 1870 2902
सतर्कता सेल के अलावा क्षेत्रीय कार्यालयों में तैनात मुख्य अभियन्ताओं एवं अधीक्षण अभियन्ताओं द्वारा भी विद्युत चोरी को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं तथा डिफाल्टरों के विरूद्ध Fir भी दर्ज की जा रही है। विद्युत चोरी की सूचना देने हेतु उपभोक्ता विभिन्न माध्यमों जैसे Consumer help line 1912 पर कॉल कर सम्पर्क साध सकते हैं। जिसमें उपभोक्ता की पहचान को गोपनीय रखा जाता है।


