माटी का प्यार खींच लाया गांव गौड़ भ्रातृमंडल ने धूमधाम से मनाया ग्रामोत्सव
प्रवासी बंधुओं और ध्याणियों की रही भागीदारी

विशेष रिपोर्ट : मेरा गांव मेरा तीर्थ
शायकवाणी संवाददाता
कोटद्वार। “जुड़ना है, जोड़ना है और भ्रातृ भाव बढ़ाना है” इस संकल्प के साथ गौड़ भ्रातृमण्डल सिमलना मल्ला (दुगड्डा, गढ़वाल) का छठा भ्रातृ मिलन समारोह (ग्रामोत्सव) धूमधाम से मनाया गया। दो दिवसीय समारोह में ग्रामवासियों, प्रवासी बंधुओं और ध्याणियों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। कार्यक्रम का शुभारंभ सुन्दरकाण्ड के पाठ से हुआ। रात्रि में भजन संध्या और मण्डाण का आयोजन हुआ। दूसरे दिन प्रातःकाल विष्णु सहस्रनाम का पाठ और पूर्वाह्न में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।


समारोह में मुख्य अतिथि सिंचाई सलाहकार परिषद, उत्तराखंड के उपाध्यक्ष ऋषि कण्डवाल एवं विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य (पठूड़ अकरा) श्रीमती प्रमिला बलूनी और समाजसेवी मधुसूदन बलूनी ने संगठन के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमें अपनी माटी को नहीं भूलना चाहिए। जब भी मौका मिले, जरूर सपरिवार अपने गांव आएं ताकि बच्चों का भी गांव से जुड़ाव बना रहे। श्री मधुसूदन बलूनी ने गौड़ भ्रातृमण्डल को ₹11 हजार की धनराशि दानस्वरूप भेंट की।

कार्यक्रम का सफल संचालन गौड़ भ्रातृमण्डल के लेखा परीक्षक भारत मोहन गौड़ एवं डॉ अरविंद गौड़ ने किया। गांव की नारी शक्ति ने कार्यक्रम में आगे बढ़कर सहयोग दिया। इनमें प्रतिभा देवी, सुमन देवी, सुमन देवी (आशा), मीना नेगी, शोभा देवी, मुन्नी देवी, उमा देवी, विशम्भरी देवी आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।
शिक्षक-कवि डॉ यतेंद्र का हुआ अभिनन्दनI
शैलेश मटियानी राज्य पुरस्कार से सम्मानित जनता जूनियर हाईस्कूल मोटाढांक के प्रधानाध्यापक डॉ यतेंद्र प्रसाद गौड़ का गौड़ भ्रातृमण्डल की ओर से शॉल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया गया। लोक गायक डॉ यतेंद्र ने इस अवसर पर सुंदर काव्य गीत भी प्रस्तुत किया। गढ़वाली भाषा-बोली के प्रसार के लिए भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है।
शोपीस बनी सोलर लाइट : राजेंद्र गौड़
सेवानिवृत्त प्रवक्ता एव पूर्व ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद गौड़ ने गांव की समस्याओं की ओर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि गांव में सोलर लाइट लगाने के बाद संबधित विभाग गांव को भूल गया। आज अधिकांश सोलर लाइट तकनीकी फाल्ट आने से बंद पड़ी है। कोई देखने वाला नहीं है।
पार्षद रमेश गौड़ का हुआ सम्मान
देहरादून नगर निगम के पार्षद रमेश चंद्र गौड़ को गौड़ भ्रातृमण्डल की ओर से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने राजधानी देहरादून में पूरे क्षेत्र का झंडा बुलंद किया है। अपने संबोधन में उन्होंने अपनी भाषा बोली को बढ़ावा देने के साथ ही सभी प्रवासी बंधुओं से सालभर में एक या दो बार अपने गांव जरूर आने का अनुरोध किया।

युवा टीम के जज्बे को सैल्यूट
समारोह को सफल बनाने में गांव के युवाओं की अहम भूमिका रही। खास तौर पर आयोजन स्थल पर भोजन और अन्य सभी व्यवस्थाओं में इस युवा टोली का सराहनीय सहयोग रहा। इनमें श्रीकांत गौड़ (मवाकोट), दीपेंद्र गौड़ (गोपी), प्रियांशु गौड़, राजेंद्र गौड़ (पोस्टमास्टर), दिवाकर गौड़ (चंडीगढ़), आचार्य भुवनेश गौड़, आचार्य गौरव गौड़, देवेंद्र गौड़, आचार्य रूप चंद्र गौड़, कमल किशोर गौड़, रोचन गौड़, शिवम गौड़, रतन गौड़, संजीव गौड़ (देहरादून), संजू गौड़ (किशनपुरी), अरविंद गौड़ (घपली भाई), विकास गौड़ (हरिपुर), विकास गौड़ (कलालघाटी), आशीष गौड़ (सत्तीचौड़), हिमांशु गौड़ सौरभ, जयप्रकाश गौड़ आदि शामिल हैं।
भ्रातृ भाव बढ़ाना है : सोम
गौड़ भ्रातृ मण्डल के अध्यक्ष सोमप्रकाश गौड़ ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, प्रवासी-रहवासी बंधुओं, समस्त कार्यकारिणी, युवा और महिला शक्ति का धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संगठन भ्रातृ भाव बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार से एकजुट होकर काम करता रहेगा।
गरिमामय उपस्थिति
मुख्य संरक्षक चंद्रमोहन गौड़, संरक्षक दिनेश चंद्र गौड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक गौड़, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र गौड़, पूर्व अध्यक्ष शशिकांत गौड़, सेवानिवृत्त अधिकारी अनिल गौड़ (नोएडा), दाताराम गौड़ (नोएडा), झगड़राम गौड़, सतीश चंद्र गौड़,ग्राम प्रधान राजेंद्र गौड़, सचिव आचार्य सुमन चंद्र गौड़, पंडित दिनेश गौड़, शशिकांत गौड़ (नरई), चंद्रमोहन गौड़, सुशील गौड़, सुंदरलाल गौड़ (कोटद्वार), वीरेंद्र गौड़ (लालपानी), राजेश्वर प्रसाद गौड़, अनिल गौड़ (किशनपुरी), पवन गौड़ (कलालघाटी), सोमदेव गौड़, प्रतिभा देवी आदि।
भ्रातृ मंडल की सेवा भावना को सराहा
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुलोचना गौड़, ब्लूमिंग वेल पब्लिक स्कूल कोटद्वार की प्रधानाचार्या रेखा गौड़ और श्री गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रवक्ता दीपिका गौड़ ने गौड़ भ्रातृमंडल की सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने ग्राम समाज को जोड़ने वाले कार्यक्रमों की इस श्रृंखला को भविष्य में भी जारी रखने पर जोर दिया।




