डरावना नहीं परंतु पूरे विश्व के लिए परिवर्तन का वर्ष रहेगा 2026: आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ।

देहरादून। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद दिलदार दैवज्ञ ने कहा है कि डरावना तो नहीं परंतु पूरे विश्व के लिए वर्ष 2026 परिवर्तन का वर्ष रहेगा साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोबेल पुरस्कार मिलने की वैश्विक स्तर पर भूमिका बन सकती है।
मीडिया में कुछ ज्योतिषियों द्वारा वर्ष 2026 को बहुत डरावना रहने की संभावना पर चर्चा करते हुए डॉक्टर दैवज्ञ ने कहा कि ऐसा नहीं है, जब परिवर्तन होता है तो समाज में अज्ञात डर होता है, परंतु धीरे-धीरे समाज परिवर्तन को स्वीकार कर लेता है, उन्होंने ज्योतिषीय दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय जगत की मीमांसा करते हुए आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक, प्राकृतिक और व्यापारिक परिवर्तनों की सटीक व्याख्या की है।
आर्थिक परिदृश्य
वैश्विक अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा उछाल नहीं, बल्कि स्थिर और सुरक्षित विकास की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और गोल्डमैन सैक्स रिसर्च के अनुसार, वैश्विक विकास दर लगभग 3.5% रहने का अनुमान है।भारत 2026 में 7.5% की अनुमानित जीडीपी वृद्धि के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भू-राजनीतिक अनिश्चितता, व्यापार में व्यवधान और मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने की आवश्यकता प्रमुख आर्थिक चुनौतियाँ होंगी।
तकनीकी और सामाजिक परिवर्तन
विज्ञान और वेदांत की गहरी समझ रखने वाले आचार्य दैवज्ञ कहते हैं कि AI का एकीकरण,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जीवन के हर पहलू में अधिक गहरा प्रभाव पड़ेगा, सामग्री निर्माण से लेकर ग्राहक सेवा तक AI पर मानवीय नियंत्रण में कमी आने की भी संभावना रहेगी,सोशल मीडिया पर शॉर्ट-फॉर्म वीडियो, यूज़र-जनरेटेड कॉन्टेंट (UGC), और प्रामाणिकता पर जोर बढ़ेगा निजी समुदायों और डिजिटल दुनिया में वर्चुअल/ऑगमेंटेड रियलिटी (VR/AR) का उपयोग भी बढ़ेगा।
स्वास्थ्य जागरूकता: महिलाओं के स्वास्थ्य के मुद्दों, जैसे हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य, पर ध्यान केंद्रित करने और समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।
राजनीतिक और पर्यावरणीय जोखिम
भू-राजनीतिक अस्थिरता, पुरानी विश्व व्यवस्था से नई की ओर संक्रमण जारी रहेगा, जिसमें अमेरिका, चीन और अन्य शक्तियों के बीच तनाव बना रह सकता है।
वैश्विक जोखिम,जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का पतन, सामूहिक विनाश के हथियार और सैन्य निर्णय लेने में AI का उपयोग 2026 के लिए मानवता के सामने सबसे बड़े जोखिमों में से हैं,2026 में गुरु ग्रह की चाल के कारण राजनीति और प्रशासन में अस्थिरता और अवसर दोनों आ सकते हैं, जिससे धैर्य और विवेक की आवश्यकता होगी 2026 एक परिवर्तनकारी वर्ष होने की संभावना है, जिसमें तकनीकी प्रगति और आर्थिक स्थिरता के अवसर होंगे, लेकिन साथ ही प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के प्रति सजग रहने की भी आवश्यकता होगी।
ज्योतिष वैज्ञानिक डॉक्टर दैवज्ञ के अनुसार साल 2026 में गुरु ग्रह की चाल से बाजार, राजनीति और आम जनजीवन में बड़े फैसले, नेतृत्व परिवर्तन और प्रशासनिक सख्ती के संकेत मिल सकते हैं। उच्च पदों पर बैठे लोगों का प्रभाव बढ़ेगा 2026 परिवर्तन का वर्ष होगा *जब पुरानी शक्तियां पराजित होंगी और नई शक्तियां उभरेंगी, सूर्य व चंद्र दोनों का प्रभाव पूरे वर्ष रहने से देश का यश बढ़ेगा और सेना का शौर्य मजबूत होगा। *मूलांक 1, 3, 5, 6 और 8 वालों के लिए वर्ष 2026 विशेष रूप से शुभ रहेगा।
अनेकों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ के अनुसार इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी को नोबेल पुरस्कार देने के लिए वैश्विक स्तर पर धरातल तैयार हो सकता है, साल 2026 प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस साल भूकंप, अत्यधिक बारिश और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं, इसलिए केंद्र एवं राज्य की सरकारों को सतर्क रहना होगा।



