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STF का बड़ा प्रहार फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड सतानन्द शर्मा गिरफ्तार

देहरादून/रुद्रपुर, उत्तराखण्ड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में अवैध हथियारों एवं फर्जी लाइसेंस के रैकेट पर शिकंजा कसते हुए एक बड़े मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है।

STF की टीम ने बुधवार को रुद्रपुर से सतानन्द शर्मा पुत्र रामाधर शर्मा, निवासी ग्राम अनावा, थाना पुंवाया, जिला शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। यह व्यक्ति फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर बेचने का मुख्य सरगना था।

अभियुक्त की अवैध कमाई और आपराधिक इतिहास

STF के अनुसार, सतानन्द शर्मा ने फर्जी और कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बनाकर करीब एक करोड़ सत्तर लाख रुपये की अवैध कमाई की। यह धनराशि उसके बैंक खाते में जमा हुई। अभियुक्त पहले भी फर्जी लाइसेंस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और शाहजहाँपुर में गिरफ्तार हो चुका है और जेल जा चुका है। वह एक आदतन अपराधी है।

उसके विरुद्ध दर्ज प्रमुख मुकदमे:

• FIR No. 1681/2019, धारा 420, 467, 468, 471, 120B भादवि, थाना कविनगर, गाजियाबाद
• FIR No. 635/2019, धारा 420, 467, 468, 471 भादवि, थाना पुंवाया, शाहजहाँपुर
• FIR No. 2110/2019, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट, थाना कविनगर, गाजियाबाद

रैकेट का तरीका

सतानन्द शर्मा ने शाहजहाँपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के कुछ संविदा कर्मचारियों से सांठगांठ कर पुराने UIN नंबरों (जिनका रिकॉर्ड गायब था) का इस्तेमाल कर ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी लाइसेंस अपलोड कराए। इन फर्जी लाइसेंसों को उत्तराखण्ड के उद्धम सिंह नगर जिले में सौरभ अग्रवाल और उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बड़े पैमाने पर बेचा गया। मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल समेत कई अन्य लोगों ने भी इसके माध्यम से लाइसेंस बनवाए।

STF की अब तक की उपलब्धियां

यह गिरफ्तारी काशीपुर कोतवाली में 4 जून 2026 को दर्ज FIR No. 213/2026 के तहत की गई विवेचना का हिस्सा है। STF ने अब तक:

• 03 मुकदमे दर्ज किए
• 09 अभियुक्तों को जेल भेजा
• 14 अवैध शस्त्र (2 ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, 2 राइफल, 9 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर)
• 355 जिंदा कारतूस
• कई फर्जी लाइसेंस बरामद किए

SSP STF अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस लाकर उत्तराखण्ड में इस्तेमाल करने वालों पर STF की नजर है। उन्होंने फर्जी लाइसेंस धारकों से अपील की कि वे स्वेच्छा से हथियार सरेंडर कर दें।

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