उत्तराखंड

बर्फबारी में चौराबाड़ी ग्लेशियर के पास फंसे पर्यटक, SDRF ने किया रेस्क्यू

चौराबाड़ी ग्लेशियर केदारनाथ के पास स्थित एक छोटा ग्लेशियर है, जो मंदाकिनी नदी के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है.

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए चार श्रद्धालु मंदिर से दो-तीन किमी ऊपर चौराबाड़ी ग्लेशियर की तरफ चले गए. यहां पहुंचने के बाद वे बर्फबारी के चलते फंस गए. इसके बाद उन्होंने किसी तरह पुलिस तक सूचना पहुंचाई. सूचना के बाद एसडीआरएफ टीम पोस्ट केदारनाथ से उप निरीक्षक मनोहर कन्याल के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल सर्चिंग के लिए रवाना हुई और सभी का सुरक्षित रेस्क्यू किया.

दरअसल, चौराबाड़ी ग्लेशियर केदारनाथ के पास स्थित एक छोटा ग्लेशियर है, जो मंदाकिनी नदी के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है. समुद्र तल से लगभग 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह ग्लेशियर ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शांत गंतव्य है. इसे चौराबाड़ी ताल (गांधी सरोवर) के नाम से भी जाना जाता है.

चौराबाड़ी ग्लेशियर केदारनाथ मंदिर से लगभग 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह केदारनाथ मंदिर के ठीक पीछे की पहाड़ी में स्थित है. बीते सोमवार को केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए हर्ष राणा पुत्र राजकुमार राणा, दीपक नेगी पुत्र योगेश्वर नेगी, नवनीत त्यागी पुत्र अरविंद त्यागी और आदित्य पुत्र सरवन कुमार निवासी राधेश्याम विहार फेस गाजियाबाद थाना मुरादनगर यूपी चौराबाड़ी ताल की तरफ गए थे. इस दौरान मौसम खराब होने के कारण वहीं फंस गए.

इसके बाद यात्रियों ने किसी तरह सूचना पुलिस को दी. पुलिस की ओर से एसडीआरएफ टीम को रवाना किया गया. एसडीआरएफ टीम द्वारा काफी कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. क्षेत्र में लगातार बारिश व बर्फबारी के बावजूद टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन निरंतर जारी रहा. सर्चिंग के दौरान टीम द्वारा चौराबाड़ी ग्लेशियर में फंसे सभी चार यात्रियों को सकुशल खोज लिया गया, जिन्हें टीम द्वारा सुरक्षित नीचे लाया गया और इनके परिजनों से बात कर कुशलता दी गई.

उत्तराखंड में कई बार पर्यटक बिना परमिशन के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बिना किसी गाइड के चले जाते है और वहीं फंस जाते है. कई बार तो पर्यटकों की जान पर भी बन आती है. इसीलिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर्यटकों से बार-बार अपील करता है कि वो बिना परमिशन के ऐसी जगहों पर न जाए

वहीं पहाड़ों पर इस समय बर्फबारी हो रही है. बारिश और बर्फबारी में तो बिल्कुल भी इस तरह का जोखिम न ले. क्योंकि इन जगहों पर कई बार नेटवर्क भी बहुत समस्या होता है. नेटवर्क नहीं होने के कारण पर्यटक मोबाइल से किसी को संपर्क भी नहीं कर सकते है. इसी कारण पुलिस-प्रशासन पर्यटकों से ऐसे जगहों पर न जाने का अपील करता है.

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